जीवन का आधार

मेरी हर कविता
तुम्हारे ऊपर निशाना नहीं होती
कभी किसी तथ्य पर होती है
कभी किसी प्रश्न पर होती है
कभी होती है कल्पना
कभी किसी की अल्पना
कभी तुम्हारे प्रश्नों के उत्तर
कभी होती किसी की नाराजगी
कभी प्रेम का आधार
कविता है जीवन का आधार।।

Comments

5 responses to “जीवन का आधार”

  1. Suman Kumari

    बहुत सुन्दर रचना

    1. Pragya

      धन्यवाद सुमन जी

    1. बहुत-बहुत धन्यवाद

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