जीवन जहर हो गया

कोई पी के जहर भी
अमर हो गया।
किसी का जीवन भी
यारों जहर हो गया।।
मौत आई थी जिसकी़
वो मर न सका।
मौत की सब गलियाँ
और शहर हो गया।।

Comments

4 responses to “जीवन जहर हो गया”

  1. Priya Choudhary

    Nice

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