जो जान लेता है..

जो हमें जानता ही नहीं,
उसे हक है, हमें
अच्छा,बुरा कुछ भी क्रहने का
पर जो हमें जान लेता है,
वो हम पर जान देता है ..

Comments

14 responses to “जो जान लेता है..”

  1. यमक अलंकार का सुंदर प्रयोग

    1. Geeta kumari

      Thank you Pragya for your precious compliment.

  2. बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति ।
    सच में जो करीब हैं
    उन्हें ही हमारी अच्छाइयां नजर आती हैं
    दूर जो हैं, उनकी कही हुई बातें कहाँ परेशा कर पाती हैं

    1. Geeta kumari

      कविता में दूर या पास का कोई जिक्र नहीं है मैम सुमन कुमारी जी ।
      बात जानने की और ना जानने की कही गई है ।आपने शायद ध्यान से पढ़ा नहीं या फिर समझा ही नहीं।

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद आपका भाई जी 🙏 सादर आभार

  3. कवि गीता जी की यह एक बेहतरीन रचना है। एक तरफ अनुप्रास का अलंकरण, दूसरी ओर यमक की छटा, भाव भी अतिउत्तम, शिल्प भी लाजवाब।
    सधे हुए शब्द, सधी हुई पंक्तियाँ, सुन्दर प्रस्तुतिकरण, सब कुछ उच्चस्तरीय है। यह प्रतिभा सदैव चमकती रहे।

  4. Geeta kumari

    इस सुन्दर समीक्षा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी ।
    इससे ख़ूबसूरत समीक्षा तो इन पंक्तियों की हो ही नहीं सकती थी ।
    आपकी समीक्षा शक्ति को सलाम और बहुत बहुत धन्यवाद 🙏

  5. शानदार पंक्तियां वाह

    1. Geeta kumari

      आभार जोशी जी🙏 बहुत बहुत धन्यवाद

  6. वाह वाह, अतिसुन्दर

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद आपका पीयूष जी 🙏

  7. This comment is currently unavailable

    1. Geeta kumari

      सादर धन्यवाद आपका मास्टर साहब 🙏

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