टुकड़े माँ के दिल के हजार हो गए

टुकड़े माँ के दिल के हजार हो गए,
जिस पल बंटवारे में उसकी ममता आई।।
– राही (अंजाना)

Comments

2 responses to “टुकड़े माँ के दिल के हजार हो गए”

  1. Pratima chaudhary

    बहुत सुंदर

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