टुटा दिल

आज मेरी हैसियत तुमने दिखा दी
तुम्हारी नज़रो में मेरी कीमत तुमने दिखा दी
कल तक तो पूछती थी खैरियत
आज मेरी बुरी किस्मत तुमने दिखा दी

मेरे साथ जीने मरने की कस्मे खाती थी
मेरे साथ हर पल समय बिताती थी
मैं कमजोर क्या हुआ
मेरी औकात तुमने दिखा दी

मैं भूल जाऊ ये मुमकिन है
मेरा दिल तुम्हे भूल जाये ये नामुमकिन है
मेरा दिल कितना कमजोर है
आज ये हकीकत तुमने दिखा दी

Comments

6 responses to “टुटा दिल”

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar

    वाह बहुत सुंदर रचना

  2. बहुत सही लिखा है

  3. Satish Pandey

    ati sundar geet

  4. Kumar Piyush

    bahut khoob

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