ठोकरें हमें क्या ठोकर मारेंगी

मुश्किलों का कोई गम नही हमें,
कि हर रास्ते पर मुस्कुरा कर चलते हैं..
ठोकरें हमें क्या ठोकर मारेंगी,
हम तो खुद उन्हें ठुकरा कर चलते हैं..

– प्रयाग

Comments

10 responses to “ठोकरें हमें क्या ठोकर मारेंगी”

    1. शुक्रिया जी

  1. Geeta kumari

    बहुत ख़ूब

    1. शुक्रिया जी

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