….. तभी तो (Independence day)

हिमालय से गंगा के मिलन ,यही तो देश की पहचान है।
तभी तो हम सब, गर्व से कहते हैं मेरा भारत महान है।।
शास्त्री गोखले मौलाना राजेन्द्र, सभी देश के शान है।
तभी तो हजारों वीर, हिन्दुस्तान पे आज भी कुर्बान है।।
सरोजनी लक्ष्मी उषा इंदिरा, सभी आर्यावर्त के वरदान है।
तभी तो धरती माँ को, अपने वीरांगनाओ पे अभिमान है।। जो कर गुजर गए उन पर ही, आज भारत मेहरबान है।
तभी तो हम उन क्रान्तिकारियों के आज भी कदरदान है।।

Comments

3 responses to “….. तभी तो (Independence day)”

  1. सुंदर रचना

  2. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    सुंदर

  3. अति उत्तम

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