हौसला रख, न घबरा
काम ले हिम्मत से तू
जिन्दगी आसान होगी
मंजिलें कदमों में होंगी।
हो निराशा जब कभी
दिल बैठ सा जाये अगर,
तू जगाना खुद की हिम्मत
मुश्किलें आसान होंगी।
आँख भर आयें किसी के
दर्द को महसूस कर,
या किसी से ठेस पाकर
मन व्यथित हो जाये तब,
काम लेना हौसले से,
शक्ति अंतस की जगाना,
मन में बल आयेगा तेरे
कुछ खुशी अनुभूत होगी।
जब खुशी अनुभूत होगी
तब ललक आयेगी मन में
मुश्किलों को यह ललक
ललकारने लग जायेगी।
हौसला, हिम्मत तेरी
मुश्किल करेंगे दूर सब,
तू जगा हिम्मत न घबरा
मंजिलें कदमों में होंगी।
—- डॉ0 सतीश चंद्र पाण्डेय
तू जगाना खुद की हिम्मत
Comments
6 responses to “तू जगाना खुद की हिम्मत”
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हिम्मत रखने की ओर प्रेरित करती बहुत ही बढ़िया कविता
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Nice very nice poem
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बहुत ही प्रेरणादायक पंक्तियां
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अतीव सुन्दर सर
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अतिसुंदर भाव
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बहुत ही सुंदर भाव
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