5 Comments

  1. “दर्द की फलियों मेंबंद थे दंश जोअब उन्हीं में हमको बेहद मजा आने लगा है…”
    मन के भावों को व्यक्त करती हुई बहुत ही सुन्दर कविता

  2. जब इन्सान को उनके मुताबिक हर कार्य में कामयाबी मिले तो, बैठे बैठे यादों के पिटारा में भी उमंग की शहनाई बजने लगती है।

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