लिपट कर अपनी माँ से हर दर्द भूल जाता हूँ,
इस जन्नत में दुनियाँ का नर्क भूल जाता हूँ।।
राही अंजाना
दर्द
Comments
16 responses to “दर्द”
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सच
सुंदर-

धन्यवादम्
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Waah
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Thanks
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धन्यवाद
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wah
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धन्यवाद
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वाह
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धन्यवाद
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Wah
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धन्यवाद
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सच कहा
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धन्यवाद
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Wah
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धन्य
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Nice
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