दिनकर आए हैं कई दिनों के बाद,
विटामिन डी ले लो।
बांट रहे हैं मुफ्त में सौगात,
विटामिन डी ले लो।
बातें करो धूप संग कुछ देर बैठ कर,
किरणों को बैठाओ देकर आसन
दिनकर होंगे बहुत प्रसन्न,
विटामिन डी ले लो।
दिनकर आए हैं कई दिनों के बाद,
विटामिन डी ले लो।
अकड़ा सा बदन खुल जाएगा,
सर्दी में थोड़ा ताप मिल जाएगा,
आज है दिवस सुनहरा,
विटामिन डी ले लो।
दिनकर आए हैं कई दिनों के बाद,
विटामिन डी ले लो।
पवन भी मंद-मंद है, छुट्टी पर है कोहरा
है अवसर सुनहरा,
विटामिन डी ले लो।
दिनकर आए हैं कई दिनों के बाद,
विटामिन डी ले लो।
_____✍️गीता
*दिनकर आए हैं कई दिनों के बाद*
Comments
6 responses to “*दिनकर आए हैं कई दिनों के बाद*”
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विटामिन डी ले लो
अति सुंदर रचना-
बहुत-बहुत धन्यवाद ऋषि जी
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अकड़ा सा बदन खुल जाएगा,
सर्दी में थोड़ा ताप मिल जाएगा,
आज है दिवस सुनहरा,
विटामिन डी ले लो।
——– शिक्षिका कवि गीता जी की बहुत सुंदर सलाह और बेहतरीन अभिव्यक्ति। -
समीक्षा हेतु आभार सतीश जी, हार्दिक धन्यवाद 🙏🙏
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बहुत खूब
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सादर प्रणाम भाई जी 🙏
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