दिन और रात का सपना

दिन में देखा सपना

रात को देखा सपना

रात का जब टूटा सपना

दिन में जगा हुआ पाया

लेकिन रात का जब टूटा सपना

दिन में भी सो पाया।

 

 

                                          कुमार बन्टी

 

Comments

3 responses to “दिन और रात का सपना”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

  2. Abhishek kumar

    Nice

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