9 Comments

  1. दिल की आवाज़ किसी कोने में दफन हो गयी….
    सैलाब ऐसा आया रंज का…..
    की
    अधूरी ख्वाईशें ही मेरे लिए कफ़न हो गयी….
    मैं चला एक कदम ख़ुद को सभालने …
    फूलों की राह में भी नसीब चुभन हो गयी…..

    पंकजोम \” प्रेम \”

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