*दिल की धड़कन*

ख़ास लोग जिन्दगी के,
दिल की धड़कन जैसे हैं।
दिखते नहीं हों चाहे वो,
जिन्दगी के ख़ामोश सहारे से हैं।
दिल की धड़कन के बिन जैसे,
वजूद नहीं है जीवन का
वैसे ही उनके बिना,
यह जीवन बेकार सा है॥
_______✍गीता

Comments

8 responses to “*दिल की धड़कन*”

  1. अति उत्तम

    1. Geeta kumari

      बहुत-बहुत धन्यवाद सर🙏

  2. कवि गीता जी की बहुत सुंदर रचना। उम्दा भाव उम्दा शिल्प

    1. Geeta kumari

      सुंदर समीक्षा और प्रोत्साहन के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद सतीश जी हार्दिक आभार सर

  3. सत्य वचन👌👍👍👍

    1. Geeta kumari

      बहुत-बहुत धन्यवाद ऋषि भाई

    1. सादर धन्यवाद भाई जी🙏

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