दिल में पा लेंगे

करो कितनी भी कोशिश
आप हमसे दूर जाने की,
मगर जिद है हमें भी
आपको अपना बनाने की।
मगर हम वो नहीं जो
एकतरफा प्यार से छीनें,
जबर्दस्ती करें पाने को
गंदी राह अपनाएं।
हमें तो दिल में रखना है
यहीं दिल में सजा लेंगे,
फिर रहोगे कहीं भी आपको
हम दिल में पा लेंगे।
जब कभी याद आयेगी
यहीं महसूस कर लेंगे,
आपको याद कर दिल के
गमों को दूर कर लेंगे।

Comments

8 responses to “दिल में पा लेंगे”

  1. वाह, बहुत ही बढ़िया, अतिसुन्दर

  2. बहुत खूब लिखा है सर, इस विचार की जितनी तारीफ की जाए वह कम पड़ेगी

  3. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    अतिसुंदर भाव

  4. Geeta kumari

    बहुत सुंदर कविता है और उससे भी सुंदर कविता के भाव हैं । करो कितनी भी कोशिश, में आनुप्रासिक छटा भी विद्यमान है और कलम को सलाम है । काबिले तारीफ़ रचना ।

  5. Seema Chaudhary

    बहुत सुंदर कविता

  6. बहुत ही लाजवाब सर

  7. लाजवाब वाह सर वाह

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