7 Comments

  1. ज्यादा मीठा हो तो
    मन जल्दी ही उब जाता है
    नमकीन के बल पर ही
    मीठा भी रास हमें आता है ।
    बहुत खूब सुमन जी, काव्य शिल्प और भाव दोनों ही बेहतरीन हैं। लेखनी मजबूत पकड़ के साथ आगे बढ़ी है। बहुत सुंदर कविता।

  2. इतनी सुन्दर समीक्षा एवं हौसला बढ़ाने के लिए मैं धन्यवाद ज्ञापित करती हूँ ।बहुत बहुत धन्यवाद

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