दूरियां

दूरियां कितनी भी हों मिटाता चला जाऊंगा
तेरे दिल में कितनी भी कड़वाहट हो
मैं अपने व्यवहार से
तेरे दिल में जगह बनाऊंगा
तू कितनी भी कोशिश कर ले
तुझे भी हो जाएगा मेरी वफाओं से प्यार
अपनी आंखों से एक बार
नफरत की पट्टी हटा तो जरा
देखना मैं ऐसा एक दिन जरूर लाऊँगा

Comments

7 responses to “दूरियां”

  1. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    अतिसुंदर

  2. This comment is currently unavailable

  3. Geeta kumari

    अति उत्तम

  4. बहुत सुंदर पंक्तियां

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