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    1. सर जी हमें छन्द, अलंकार, कविता लिखने की कोई विधा नहीं आती है, हम अपनी जानकारी के मुताबिक और आज तक जो पढ़ा श्रीरामचरितमानस और उससे जो कुछ सीखने को मिला, वह बात आपलोगों के समझ रखता हूँ ।।

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