दोस्ती ना सही…

दोस्ती ना सही,
दुश्मनी तो मत निभाओ।
चार बातें बनाकर,
यूं ठहाके तो मत लगाओ।
यूं तो दिल सबका दुखता है,
उसे और ना दुखाओ।
माना तुम काबिल हो ,
अपने मुकाम पर।
मगर मेरी काबिलियत पर ,
यू सवाल ना उठाओ ।

Comments

12 responses to “दोस्ती ना सही…”

  1. क्या बात है! दमदार

    1. हार्दिक धन्यवाद

    1. Pratima chaudhary

      धन्यवाद

  2. मार्मिक रचना

    1. Pratima chaudhary

      Thank you

  3. Pratima chaudhary

    धन्यवाद

  4. Pratima chaudhary

    धन्यवाद सर

  5. Deep

    काबिलियत तो इंसान में है इतनी,
    कि जननत भी झुका दे.
    एक बार पहचान ले अपनी काबिलियत,
    तो कुदरत भी हिला दे।
    ***************
    आपकी काबिलियत आपको
    कभी नहीं हराएगी

    1. बहुत सुंदर विचार
      बहुत बहुत धन्यवाद

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