दो इन्सान एक हो
जाते हैं ।
हर रिश्ते से
खास हो
जाते हैं ।
नज़रों से दूर
होते हैं पर
दिल के करीब
हो जाते हैं ।
प्रज्ञा शुक्ला
दो इन्सान
Comments
11 responses to “दो इन्सान”
-
सुंदर
-
शुक्रिया
-
-

Nice
-
Thanks
-
-
Wah
-
Dhanyawad
-
Ok
-
-
-

वाह
-
Shukriya
-
-

Good
-
थैंक यू
-
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.