धैर्य

चारो तरफ कयामत ही कयामत है।
जिधर देखो करोना के ही क़हर है।।
महामारी में जी रहे है हम और आप।
फिर भी उम्मीद के किरण जलाए बैठे है।।
आज नहीं तो कल होंगे कामयाब हम।
बस कुछ और धैर्य रखने की जरूरत है ।।

Comments

10 responses to “धैर्य”

    1. Praduman Amit

      Thanks

    1. Praduman Amit

      Thanks

  1. Praduman Amit

    Thanks

  2. पंक्तिबद्धता नहीं बनी

  3. Satish Pandey

    achchha prayas

  4. यही है अमित जी और बहुत संकटकालीन स्थिति है

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