मेरे घर के पडौस में अभी नई – नई शादी हुई थी । सुनने में आया कि लड़की वाले गरीब हैं । फिर भी बहू ढेर सारा दहेज साथ लाई थी मुझे कुछ अचंभा हुआ और मुझसे बिन पूछे रहा नहीं गया मैंने बातों ही बातों मे पूछ ही लिया बहू तो गरीब घर की थी फिर इतना सारा दहेज? इस पर उसके ससुर कुछ तुनककर बोले कि लड़की ब्याह रहे हैं इसमें हमारा क्या कसूर है । लड़के की पढ़ाई पर जो खर्च किया वही तो भरेगी।मुझे उनकी बातें अच्छी नहीं लगी और मैं वहाँ से चली आई। अगले ही दिन सुनने मेरी आया कि 10 तोले सोने की कमी रह गई थी जब मैं सुबह उठी तों देखा पडौस में भीड़ लगी थी शायद आग लगने से बहू जला दी गईं थी जब मैं माजरा मालूम करने पहुँची पता चला लड़की के पिता 10तोला सोना कहीं से अरेंज करके लाये थे पर उन्हें भरोसा ही नहीं था कि ये कांड हो गया । मैंने चिल्लाकर कहा इन्हें जेल भिजवाईये । शायद पुलिस वालों का पहले से ही नोटों से मुॅह बंद करवा दिया था वह उल्टे मुझे ही हथकड़ियां पहनाने लगी और कहने लगी बवाल मचाती है । अगलों की नई दुल्हन नहीं रही और तुम उनका दुख बढ़ा रही हो किसने कहा कि मामला दहेज का है । दरअसल लड़की का एक ब्वायफ्रेंड भी है । हाल से तरह – तरह की आवाजें आने लगी। कोई कलमुॅही तो कोई मुॅहजली कह रहा था । लड़की के पिता से जिल्लत सही नहीं गई और उन्हें अटैक आ गया । आवाजें और तेज हो गई की सालाना दुनिया से मुॅह छिपा गया उसकी बेबसी पर मुझे रोना आ गया ऐ खुदा क्या जमाना आ गया ।
प्रस्तुति – रीता अरोरा
नई – नई शादी
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One response to “नई – नई शादी”
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nice rita ji
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