नमकहलाल बनो

खाया नमक देश का तो
थोड़ा नमकहलाल बनो।
बेशक बिपक्ष बन बैठे हो
पर भारत माँ का लाल बनो।।
समर मरन और शत्रु दलन का
सबूत मांगना क्या समीचीन है ?
प्रमाण चाहिए खोतों को तो
तेरा ठीकाना वही पाक व चीन है ।।
शर्म करो कुछ निज पुरखों पर
जो (42 हजार वर्ग किलोमीटर )
बृहत भूभाग गवाया था।
निज करणी के कारण हीं तो
अपना हिन्दुस्तान लजाया था।।
शमशीर ‘विनयचंद ‘बन न सको
तो ,एक अटूट-सा ढाल बनो।
नमक खाया देश का तो
थोड़ा नमकहलाल बनो।
बेशक बिपक्ष बन बैठे हो पर
भारत माँ का लाल बनो।।

Comments

6 responses to “नमकहलाल बनो”

  1. देवेश साखरे 'देव' Avatar

    बहुत सुन्दर रचना

  2. Praduman Amit

    Wah,Wah

  3. Geeta kumari

    सुंदर रचना

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