7 Comments

  1. नाच रहा मन मोर क्यों,
    आज बिना बरसात,
    है यह आहट प्रेम की,
    या है कोई बात।
    _______ छंद शैली में कवि सतीश जी की बहुत ही मधुर रचना, वाह लाजवाब अभिव्यक्ति, अति सुन्दर लेखन

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