नारी तेरे मान को
नारी तेरे मान को
आखिर जग क्या लिखेगा?
कलम भी तू है काॅपी भी तू है।
सरस शब्द कविता भी तू है।।
तू वाणी विद्या बद्धि की
सरिता सम किताब है तू।
तू हीं शारदे तू हीं कालिका
हरिप्रिया की प्रभाव है तू।।
तूने हीं दी है ‘विनयचंद के जान को।
आखिर जग क्या लिखेगा
नारी के सम्मान को।।
Nice
Bahut khoob sir
Good
वाह बहुत सुंदर
Nyc
सुंदर