काली मुलायम उड़ती जुल्फें तेरी,
इश्कबाज़ों पे कयामत ढाती है।
जब चले तू खुली वादियो में,
घटा की नियत भी बदलती है।।
नियत
Comments
6 responses to “नियत”
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मोहब्बत की खूबसूरती का सुन्दर वर्णन किया है आपने।।
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शुक्रिया प्रज्ञा जी। आपने मेरी शायरी को पसंद किया।
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काली मुलायम उड़ती जुल्फें तेरी,
—– सौन्दर्य का खूबसूरती से चित्रण-

धन्यवाद पांडे जी
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वाह
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शुक्रिया पंडित जी।
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