नींद

मन से मन का मेल
ना होतो
प्रेम कहानी
कैसी है।
लब से लब
ना टकराये
तो साझेदारी
कैसी है।
तू भी जागे
मै भी जागू
एक दूजे
की चाहत में
रात-रात भर
नींद ना आये
ये बीमारी
कैसी है।

Comments

8 responses to “नींद”

    1. आपके रिप्लाई के लिए आपको नमन

    1. प्रशंसा हेतु धन्यवाद

  1. Pragya Shukla

    👌👌👌👌

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