नीरोग हूँ मैं

नीरोग हूँ मैं क्योंकि मैंने
बहुत जतन से प्रेम योग किया है।
नैनासन का अभ्यास करके
खुद को स्वस्थ्य किया है।

Comments

9 responses to “नीरोग हूँ मैं”

  1. Master sahab

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  2. वाह ।नई उपमा

  3. प्रेम से सराबोर तथा उपमा अलंकार का प्रयोग कविता की शान बढ़ा रहा है

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