नीली गहराई

चलो इश्क़ की दरिया में कूद कर देखते है।
सुनता हूँ नीली गहराई का कोई अंत नहीं है।।

Comments

3 responses to “नीली गहराई”

  1. वाह क्या बात है

  2. Praduman Amit

    शुक्रिया।

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