नूतन अनुभव

रेलगाड़ी की खिड़की में बैठा,
एक युवक बोला पापा से
कितने सुंदर पेड़ पौधे हैं,
कितनी सुंदर है हरियाली
ये सब कहते कहते उसके मुख पर,
आ गई खुशियों की लाली
वाह, कितने सुंदर तारे है,
कितनी सुंदर है ये रात
एक पड़ोसी महिला यात्री,
हैरान हुई सुनकर ये बात
बोली उसके पापा से,
भैया इसे कहीं दिखाओ
कैसी बातें कर रहा है लड़का,
किसी डॉक्टर के ले जाओ
वह मुस्कुरा कर बोला,
बहिन, डॉक्टर के यहां से ही आया
जन्म से अंधा था ये बालक,
आज ही ऑपरेशन करा के लाया ।
✍️.. गीता कुमारी

Comments

13 responses to “नूतन अनुभव”

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद 🙏

  1. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बहुत ही बेहतरीन
    अगर इंसान स्वस्थ हैं तो दूनिया का सबसे अमीर आदमी वही होता है

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद 🙏

  2. Satish Pandey

    तत्सम, तद्भव के साथ आम जीवन में प्रचलित आंग्ल शब्दों के सुंदर प्रयोग से सुंदर कविता की सृष्टि हुई है, वाह

  3. Geeta kumari

    आभार सहित धन्यवाद🙏

  4. विविध भाषाओं का संगम करती रचना।
    कोरोना काल में यह असंभव-सा
    प्रतीत होता है

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद जी🙏

      1. Abhishek kumar

        वेलकम

  5. Devi Kamla

    Very nice

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद कमला जी

  6. Piyush Joshi

    Bahut khoob

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद पीयूष जी

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