मिल जाती परछाई भी
अगर तुम पीछे मुड़ कर
देख लेते।
दूर हो जाती गलतफहमी की
ठंडक ।
अगर तुम यादों की धूप में
दो पल खुद को
सेंक लेते।
परछाई
Comments
23 responses to “परछाई”
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Nice
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Thnx
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Wellcome
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Good
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🙏🙏
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Sudar
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Thnx
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Ok
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Waaah
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Thnx
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Thnx
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Sahi kaha
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Thnx
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Nice
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Thnx
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सुन्दर रचना
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Thanx
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Good
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Thanx
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Waah
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Thnx
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शानदार
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Thnx
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