पहचान लेंगे

किंकणी न बाँधिये
पैरों में अपने,
बिना खन-खनाहट के
पहचान लेंगे।
कभी आजमा के
देख लीजियेगा,
तुन्हें बन्द आंखों से
पहचान लेंगे।

Comments

16 responses to “पहचान लेंगे”

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद

  1. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति

    1. Satish Pandey

      प्रणाम

    1. Satish Pandey

      बहुत बहुत धन्यवाद सुमन जी

  2. Geeta kumari

    बहुत ही खूबसूरती से अभिव्यक्ति किया है भावों को।
    कम शब्दों में मन के भाव बयां करना कोई आपकी कलम से सीखे।
    ……. सैल्यूट।

    1. Satish Pandey

      इतनी सुन्दर समीक्षा हेतु आपका आभार व्यक्त करता हूँ। आपके द्वारा किया जा रहा उत्साहवर्धन बल प्रदान करता है। बहुत सारा धन्यवाद

    1. Satish Pandey

      आभार, शास्त्री जी

    1. Satish Pandey

      बहुत बहुत धन्यवाद प्रतिमा जी

    1. Satish Pandey

      धन्यवाद प्रज्ञा जी

  3. MS Lohaghat

    बहुत खूब

    1. Satish Pandey

      बहुत बहुत धन्यवाद

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