पितृ दिवस

आपने बहुत किया हमारे लिए
काबिल बनाया, जी सकूं, न सिर्फ़ अपने लिए
काम आऊं, कुछ कर पाऊं मैं, आपके लिए
सहारा बनके नहीं,साथ रहूं आपके पनाह के लिए
आसरा मेरी नहीं, मैं आकांक्षा रखूं आशीर्वाद के लिए

Comments

3 responses to “पितृ दिवस”

  1. कवि सुमन जी की अति उत्तम प्रस्तुति

  2. बहुत सुन्दर 

Leave a Reply

New Report

Close