दिन पर दिन दिखा रही
प्रकृति रौद्र रूप
फिर भी हम कर रहे
प्रकृति की अवहेलना
अभी भी मानव ने
नहीं बंद किया
प्रकृति से खेलना
गर अभी नहीं सचेते
रे मानव
ना जाने क्या-क्या
पड़ेगा झेलना ??
करें कुछ अच्छे कृत्य
प्रकृति को शांत
हम सब चाहें
प्रकृति का सुंदर सवेरा देखना
–✍️एकता
प्रकृति का सुंदर सवेरा

Comments
13 responses to “प्रकृति का सुंदर सवेरा”
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प्रकृति हो शांत
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यथार्थ
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Thanks
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Bahut hi khoob
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Thanks
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प्राकृतिक छटा को अपने आप में समाहित किए हुए बहुत ही सुंदर रचना
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धन्यवाद प्रज्ञा जी
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बहुत खूब
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सादर आभार
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बहुत सुंदर रचना है आपकी
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धन्यवाद अमिता
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अतिसुंदर रचना
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सादर आभार शास्त्री जी
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