हम क्या हमारा व्यक्तित्व क्या।
अनन्त ब्रह्माण्ड के प्रान्गन में ,
हम क्या हमारा अस्तित्व क्या ।
कब किसके गर्भ में,
कैसे कौन पनप रहा
कैसे कब कौन-सा किसका सुमन
कहाँ किस उपवन में महक रहा
अनेक प्रश्न हैं उदित
यह मन क्यू भटक रहा
अनन्त ब्रह्माण्ड के—–
सुमन आर्या
प्रश्न
Comments
10 responses to “प्रश्न”
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वाह
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सुन्दर
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अनंत ब्रह्मांड की विशालता में मानव का अस्तित्व कितना छोटा है very nice poem
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धन्यवाद
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V nice
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Very nice
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‘कैसे कब कौन-सा किसका सुमन’ में समाहित प्रश्नवाचको में वृत्यानुप्रास की छटा दिखाई दे रही है। अनन्त ब्रह्मांड में मन भटक रहा है, जबकि मनुष्य का अस्तित्व छोटा सा है, वाह सुन्दर अभिव्यक्ति।
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महाशय,धन्यवाद ज्ञापित ।
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आपने बहुमूल्य शब्दों से मेरा हौसलाअफजाई किया
पुनः धन्यवाद् ।
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प्रश्न अलंकार का सुंदर प्रयोग किया है अतः कला पक्ष बहुत मजबूत है
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