प्रार्थना

हे ईश्वर!
मेरे मन के गहन तमस में,
आशा का उजाला भर दो।
मैं तुझ में ही खो जाऊं,
कुछ ऐसा मुझको कर दो।
चरणों में तेरे वंदन,
बस शीश झुका हो मेरा।
हो जाए कृपा यदि तेरी,
जीवन यह सफल तब मेरा।

निमिषा सिंघल

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