प्रेम पास रखो

दूसरे को ठेस देने से पहले
यह याद रखो
चोट दिल पर लगेगी
अहसास रखो
चार दिन की जिंदगी में
नफरत नहीं
प्रेम पास रखो
ककड़ी सी शीतल तासीर रखो
जलेबी सी गर्म मिठास रखो ।

Comments

6 responses to “प्रेम पास रखो”

    1. Satish Pandey

      सदर धन्यवाद

    1. Satish Pandey

      सादर आभार

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