फिर कोई खत रहा होगा

फिर मुझे याद कर रहा होगा
फिर वो आँसू बहा रहा होगा

उसके नैनों की झील से बहकर
फिर कोई खत आ रहा होगा।।

Comments

4 responses to “फिर कोई खत रहा होगा”

  1. लाजवाब पंक्तियों से सजाया है आपने। 

    1. बस यूं ही कुमार विश्वास की कविता का जवाब दे रही थी 

    1. धन्यवाद 

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