ज़ुबान तेज हो तो शूल सी चुभती है बहुत
चुभन के दर्द से लोगों को बचाए रखिये।
जिंदगी ठहरी है न ठहरेगी कभी,
प्यार के दीप, फिजाओं में जलाए रखिए।
मौत आगोश में ले लेगी सभी को एकदिन,
यह हकीकत है मगर
मगर दिल में छुपाए रखिए।
चैन मिलता नहीं आसानी से,
बैचेनियां बेच कर कुछ चैन बचाए रखिए।
प्रेम से मिलते रहा कीजिए एक दूसरे से,
क्या पता मौका, मुलाकात कभी हो के न हो।
चाहते बरकरार रहे अलविदा कहने पर भी,
संबंधो में शहद सी मधुरता तो बनाए रखिए।
निमिषा सिंघल
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