20 Comments

    1. धन्यवाद यह एक सच्ची घटना है जो मेरे एक परिचित के साथ घटित हुई थी जिसे मैंने हास्य व्यग्य की शैली में लिखने की कोशिश की है

  1. घटना को बहुत अच्छे दंग से लिखा है।कविता सुनकर /पढ़कर कोई भी अपनी हंसी ना रोक पायेगा।

  2. वैसे, पुरुषों को सदैव ही हम स्त्रियों से ही क्यूं जलन होती है।
    यदि कोई मदद कर से तो भी टिप्पणी और यदि कोई मदद ना करे ,तो बेचारी अबला….

    1. हा हा हा अरे ऐसी कोई बात नही है गीता जी । ये तो बस व्यंग्य था स्त्रियाँ कई जगह सच में विशिष्ट होती हैं उन्हें अगर ज्यादा अटेंशन मिलता भी है तो वो अटेंशन देने वाले भी तो हम ही होते हैं न..ऐसी कोई जलन की संभावना नही है इसमें..बस कोई अगर कोई पुरूष रास्ते में गिरा पड़ा हो तो लोग उसे उठा लें बस..☺️☺️

    1. ये बुरा मान जाने वाला वर्ड तो मेरे शब्दकोश में है ही नही आप बेधड़क बेफिक्र होकर अपनी प्रतिक्रिया दिया करें

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