6 Comments

  1. कुछ दावों में, वादों में, कुछ बहकावों में छले गए,
    भोले-भाले कुछ किसान झूठे भावों में चले गए..
    ——– बहुत ही शानदार व संजीदा रचना। कविता में सच्चाई है, सटीकता है।

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