बहुत दिनों के बाद…

बहुत दिनों के बाद ,
जब खोला मैंने यादों का पिटारा ।
कुछ बचपन की किलकारियां गूंजी,
कुछ मां की मीठी लोरी,
कुछ पापा की डांट मिली।
कुछ दिखे खेल पुराने जो खेलें अपनों संग,
कुछ बचपन के हमजोली मिले,
कुछ नटखट-सी शैतानियां ,
कुछ हार जीत का रोना मिला,
कुछ बचपन की नादानियां।
बहुत दिनों के बाद
जब खोला मैंने यादों का पिटारा ।

Comments

12 responses to “बहुत दिनों के बाद…”

  1. Praduman Amit

    यादों की बारात में गुजरे पल की शहनाई।
    दिलोदिमाग पे देखो कैसे है छायी।।
    रचना लाजवाब है।

  2. Pratima chaudhary

    बहुत बहुत आभार

  3. मोहन सिंह मानुष Avatar

    बचपन की यादों का बहुत ही सुंदर चित्रण
    अतिसुंदर अभिव्यक्ति

  4. Pratima chaudhary

    Thank you

  5. बचपन को याद करती हुई सुंदर रचना

    1. धन्यवाद जी

  6. बहुत अच्छा

    1. धन्यवाद सर

  7. Deep

    bachpan hota hi kuch khas he, bas bade hote hi sab badal jata he, bahut dhanyawad bachpan ki yaadein taza karane ke liye…

    1. बहुत बहुत धन्यवाद

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