आसमान में स्याह
बादलों के पीछे,
मैने तुम्हें देखा
सफेद रंग की टोपी लगाए
लाल रंग की शर्ट पहने
तुम कोई चित्र बना रहे थे
किसी की घनी जुल्फें,
गोरी रंगत, पैरों में पायल
होंठो पे लाली
तुम्हारी पेंटिंग देखकर
लगा जैसे तुम मेरा ही चेहरा
उतार रहे हो,
पर तुम्हारे चित्र में और मुझमें
बस एक अन्तर था,
वो तुम्हारी कल्पना थी
और मैं तुम्हारी प्रेयसी…
बादलों के पीछे…
Comments
6 responses to “बादलों के पीछे…”
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Nice
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धन्यवाद
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Very good
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आपका बहुत-बहुत धन्यवाद
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अतिसुंदर भाव
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धन्यवाद
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