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  1. यह कवि भारती जी द्वारा रचित बहुत सुंदर विरह गीत है। विरह इस कविता का मूल विषय भाव है । संयोग हो या वियोग, प्रकृति वर्णन तो अवश्यम्भावी है, जिसमें कवि ने लिखा है –
    “बहती है यमुना एक गोकुल तीरे तीरे |”
    —– मूलतः कविता भावजन्य गीत-कृति है अतः कलापक्ष सहज ही सज गया है और कलात्मक गुणों से सुसज्जित है, प्रभावी है| भाषा सरल-सरल साहित्यिक हिन्दी है। बहुत सुंदर रचना।

    1. वाह वाह पांडेय जी बहुत ही सुंदर समीक्षा | मन प्रसन्न हुआ | उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक आभार आपका पाण्डेय जी | जय श्री राधे कृष्णा

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