बेटियां तो जिंदगी का मूल हैं
बेटियां शुभकामना स्फूर्ति हैं,
वंश चलने की न कर चिंता मनुज,
बेटियां निज वंश की ही पूर्ति हैं,
बेटियां
Comments
23 responses to “बेटियां”
-

बहुत बढ़िया।
-
सादर धनयवाद
-
-

nice
-
Thanks
-
-

सच् बेटियां अनमोल है ।
-
👏
-
-

बहुत अच्छी
-
सादर धन्यवाद
-
-

सुन्दर अभिव्यक्ति
-
सादर धन्यवाद
-
-

बहुत खूब
-
हार्दिक आभार
-
-
Nice
-
Thanks ji
-
-
वास्तव में बेटियां अनमोल रत्न हैं…. सुंदर रचना
-
सादर धन्यवाद,
-
-

Waah
-
सादर धन्यवाद नेहा जी
-
-

कवि के साथ सावन की इस बेबसाइट को भी धन्यवाद है जो बेटी पर इतनी सुन्दर पंक्तियाँ पढ़ने को मिली
-
Thank you
-
-
👌
-
Thanks
-
-
Thanks
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.