बेटी की फ़रियाद

सारा घर दे देना पापा
कोना एक बचाए रखना।
हाथों को हाथ सौंपने देना
उंगली एक छिपाए रखना

यादों की बगिया में घर की
एक छोटा फूल नाम का मेरे
पानी देना- ना देना
थोड़ी धूप दिखाए रखना
सारा घर दे देना पापा कोना एक बचाए रखना

माना परिवर्तन होगा भईया
हो जाए तो होने देना
हां मेरे हिस्से का प्यार सदा
दराजों में बनाए रखना।

जाएंगे सब आगे बढ़कर
मुझको भी तो जाना होगा
बीते शामों की झालर में
दीपक एक सजाए रखना।

सारा घर दे देना पापा कोना एक बचाए रखना

Comments

19 responses to “बेटी की फ़रियाद”

      1. वेलकम दीदी

  1. Kanchan Dwivedi

    Thanks

  2. Amod Kumar Ray Avatar
    Amod Kumar Ray

    Good

      1. Kanchan Dwivedi

        Really sorry.l saw your msg 2day actually net band tha yha.

  3. Kanchan Dwivedi

    आभार आपका

    1. Kanchan Dwivedi

      धन्यवाद

  4. Kanchan Dwivedi

    धन्यवाद

  5. अच्छा लिखा है आपने

    1. Kanchan Dwivedi

      Thanks

  6. Kanchan Dwivedi

    Thank you

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