17 Comments

  1. कवि गीता जी की आगाह करती खूबसूरत पंक्तियाँ ।
    यथार्थ लिखा है, जिस तरह गर्भ से लेकर आगे तक बेटी के साथ अत्याचार हो रहा है, वह सोचनीय है। बेटी है तो जीवन है। बहुत सुन्दर भाव। साथ ही सरल सुबोध अलंकारिक भाषा का प्रयोग है। “भारत में भगवान भी” जैसी सुन्दर पंक्तियाँ अनुप्रास अलंकरण से विभूषित हैं।

    1. समीक्षा के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद सर ।🙏कविता के मर्म तक पहुंचने के लिए आपका हार्दिक आभार ।

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