5 Comments

  1. हर घर की खुशी व रौनक है बेटी
    उसी से दुनियां शुरू व खत्म होती।
    आपने भाव की बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति की है। बेटी है तभी संसार है। आपकी लेखनी के सुन्दर भाव, व शिल्प का अंदाज बेहतरीन है।

  2. “सबला को समाज ने अबला बनाया
    ममता का सबने ही फायदा उठाया
    शक्ति साहस का वर्षों से प्रतीक बेटी
    फिर भी उसे बचाने की जरूरत पड़ी”
    बहुत ही सुंदर पंक्तियां
    बहुत सुंदर भाव

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