नातियाँ धरातल तक पहुंचें
बेरोजगारी पर नया करो कुछ
यह सबसे प्रमुख मुद्दा है
इस मुद्दे पर किया करो कुछ।
देखो ! देश के नौजवान
कैसे सड़कों पर भटक रहे हैं,
रोजगार का संकट सिर पर
डिप्रेशन के निकट खड़े हैं।
जिम्मेदारी लेनी होगी
आज देश की सत्ता तुझको
ऐसी कोई नीति बनाकर
पीड़ मिटानी होगी तुझको।
बेरोजगारी पर नया करो कुछ
Comments
15 responses to “बेरोजगारी पर नया करो कुछ”
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बहुत अच्छी पंक्तियाँ
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धन्यवाद जी
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Very very nice
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Thanks
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अतिसुंदर भाव अतिसुंदर रचना
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सादर धन्यवाद जी
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टाइपिंग मिस्टेक हुई है – नीतियाँ होगा।
नीतियाँ धरातल तक पहुंचें
बेरोजगारी पर नया करो कुछ
यह सबसे प्रमुख मुद्दा है
इस मुद्दे पर किया करो कुछ।
देखो ! देश के नौजवान
कैसे सड़कों पर भटक रहे हैं,
रोजगार का संकट सिर पर
डिप्रेशन के निकट खड़े हैं।
जिम्मेदारी लेनी होगी
आज देश की सत्ता तुझको
ऐसी कोई नीति बनाकर
पीड़ मिटानी होगी तुझको। -
बेरोजगारी के बारे में सुन्दर प्रस्तुति , यथार्थ चित्रण
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सादर धन्यवाद जी
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उच्चस्तरीय कविता तथा समाज को नया आयाम देने वाली आपकी सोंच को वन्दन करती है यह नाचीज प्रज्ञा..
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बहुत बहुत धन्यवाद प्रज्ञा जी
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बहुत सुंदर
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धन्यवाद सर
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बहुत सुन्दर
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बहुत बहुत धन्यवाद
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