भोजपुरी देवी पचरा गीत – काली माई हो |
काली माई हो भगाई देतु कोरोनवा |
भस्म करा खोली आपन तीसरा नयनवा |
काली माई हो भगाई देतु कोरोनवा |
जब से ये आइल मुहाल आराम होई गईले |
सांसत मे सभकर अब जान होई गईले |
कुटी कुटी काटा इनकर धरी गरदनवा |
काली माई हो भगाई देतु कोरोनवा |
घरवा ना चैन कही बहरवा डर लागेला |
जेने देखा वोने लोगवा जान लेके भागेला |
अबकी नवरातन मे देतु इहे वरदनवा |
काली माई हो भगाई देतु कोरोनवा |
अम्बा जगदंबा माई भवानी तू कहालु |
नर नारी देवलोक सबसे तू पुजालू |
जय जयकार होला तोर जमीन असमनवा |
काली माई हो भगाई देतु कोरोनवा |
बध कइलू माई जईसे चंड मुंड दानव|
कृपा करा देशवा संकट हरा अब मानव |
चरण मे गिरि भारती करे तोर नमनवा |
काली माई हो भगाई देतु कोरोनवा |
श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक / गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब -995550986
भोजपुरी देवी पचरा गीत – काली माई हो |
Comments
6 responses to “भोजपुरी देवी पचरा गीत – काली माई हो |”
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काली माई हो भगाई देतु कोरोनवा |
भस्म करा खोली आपन तीसरा नयनवा |
_________ दुर्गा अष्टमी के अवसर पर कोरोना भगाने के लिए काली माता का बहुत सुंदर स्तुतिगान, अति उत्तम अभिव्यक्ति-
हार्दिक आभार आपका गीता जी जय काली माई
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काली माई हो भगाई देतु कोरोनवा |
बध कइलू माई जईसे चंड मुंड दानव|
कृपा करा देशवा संकट हरा अब मानव |
—–बहुत सुंदर रचना वाह-
haardik aabhaar apkaa pandey ji jay maa kaali ki
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दुर्गा अष्टमी पर बहुत ही सुंदर रचना
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haardik aabhaar apkaa
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